Thursday, March 11, 2021

प्रेमिकाओं के हिस्से कभी वर्षगांठ नहीं आती

"प्रेमिकाओं के हिस्से कभी वर्षगांठ नहीं आती"

जानती हूं भुलक्कड़ हो
अक्सर भूल जाते हो बातें
जिम्मेदारियों के आपाधापी में

लेकिन कभी नहीं भूलें 
कुछ जरूरी बातें जैसे
बेटी के कॉलेज सेमिनार का दिन
बेटे के टेलीफोन का समय
कभी नहीं भूलते दोस्तो के जन्मदिन

हर साल नवंबर की दो तारीखें कभी नहीं भूलते
जब एक मुस्कराती तस्वीर में हाथ थामे 
शब्दों में अपना दिल रख देते थे दुनिया के सामने

एक हूक सी उठती कलेजे में 
मुस्कराने की कोशिश में भर आती आंखें
समझाती ख़ुद को 
चाहें तुम शब्दों में कुछ भी कहो
अर्थ तो मुझसे ही है न

मैंने कब चाहा प्रेम को सार्वजनिक करना
लेकिन हमेशा ये हसरत रहती
मेरे कानों में ही बोलो
दोहराओ वो सारी यादें ,वादे
वो सारी बातें जो अंतरंगता के क्षणों में
हाथ थामे कहा था तुमने

कहो कि कितने साल,महीने,दिन, पल
तुम मिली,जीवन मे नव संचार हुआ

आज ही के दिन तो पहली बार मिले थे हम
कितने साल हो गए
गुज़रते दिनों के साथ स्मृतियां धुंधली नहीं हुई

वो एक घंटे का साथ
मनःपटल पर अंकित है
जैसे कलाई का गोदना
जो जाएगा जीवन के बाद ही

लेकिन तुमसे जीवन के कितने फलसफे सीखने के क्रम में
आज जानी

प्रेमिकाओं के हिस्से कभी वर्षगांठ नहीं आती।

  - सुमन शर्मा

2 comments:

  1. बहुत कुछ भूले हुए को याद करवाने का भी एक अलग सबब दिखता होगा 🙂 बेहद प्यारी कविता, सुंदर !!!

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  2. नवाज़िशें💐💐

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